आइस क्यूब्स

ये झूठ है कि
किसी से बिछड़ता है कोई
हम बस, मर जाते हैं
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एयरटेल कहता है
हमारी दुनिया में आप कभी अपनों से कभी जुदा नहीं होते
ऐसा वादा खुदा क्यूँ नहीं करता कभी?
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कहीं से आती कोई हवाएं
नहीं बता पाती हैं
कि तुम्हारे काँधे से कैसी खुशबू आती है?
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किसी भी पहर
तुम्हारी आवाज़ नहीं भर सकती है 
मुझे अपनी बांहों में! 
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मैं वाकई नहीं सोचती 
लिप बाम लगाते हुए
कि तुम्हारे होटों का स्वाद कैसा है!
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मुझे कभी मत बताना
कितनी आइस क्यूब डालते हो
तुम अपनी विस्की में
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कच्ची डाली से
मत तोड़ा करो मेरी नींदें
इनपर ख्वाब का फूल नहीं खिलता फिर
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बातों का कैसे ऐतबार कर लूं
तुम न कहते हो मुझसे झूठ झूठ 
'आई लव यू'.
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सच कहती हैं सिर्फ उँगलियाँ
जो तुम्हारा फ़ोन कॉल पिक करते हुए
तुम्हें छूना चाहती हैं... 
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काश! कह देने भर से
तुम वाकई हो जाते मेरे 
एक शहर तुम्हें मुझसे कभी मिलने न देगा
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मेरी उम्र फिर से हो गयी है अठारह की
तुम भी के हो ही गए होगे
चलो, कहीं भाग चलते हैं!


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